एकादशी व्रत (Ekadashi Vrat) भगवान विष्णु को समर्पित एक प्रमुख हिन्दू उपवास है, जो चंद्रमा के ग्यारहवें दिन (एकादशी तिथि) पर रखा जाता है। साल में 24 एकादशियाँ होती हैं—हर माह शुक्ल और कृष्ण पक्ष में एक-एक।
महत्व
यह व्रत पापों से मुक्ति, मोक्ष प्राप्ति और सुख-समृद्धि प्रदान करता है। स्कंद पुराण आदि ग्रंथों में इसे यज्ञ से भी अधिक फलदायी बताया गया है, जो भक्तों को बैकुंठ धाम का मार्ग दिखाता है।
नियम
- दशमी सूर्यास्त से द्वादशी सूर्योदय तक निराहार या फलाहार रखें।
- अनाज, दाल, मसाले, प्याज-लहसुन न लें; ब्रह्मचर्य पालन करें।
- स्नान कर विष्णु पूजा, मंत्र जाप और कथा श्रवण करें।
व्रत के प्रकार: निर्जल, जलाहार, फलाहार या क्षीरभोजी।
